Trading Or Share Market Kya Hai – ट्रेडिंग और शेयर मार्केट क्या है

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Hello नमस्ते अगर आप भी ट्रेडिंग या शेयर मार्केट के बारे में सर्च कर रहे थे कि ट्रेडिंग और शेयर मार्केट क्या है और ट्रेडिंग अकाउंट कैसे बनाएं और ट्रेडिंग कैसे करते हैं तो आप बिल्कुल सही पोस्ट पढ़ रहे हैं हमने इस पोस्ट में हमने ट्रेडिंग और शेयर मार्केट के बारे में सारी जानकारी दी है अगर आप ट्रेडिंग और शेयर मार्केट के बारे में पूरा जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़िएगा हमने अपनी पिछली पोस्ट में BUG  BOUNY  प्रोग्राम के बारे में जानकारी दी थी उम्मीद है आपको वह पोस्ट पसंद आया होगा

Trading Or Share Market Kya Hai – ट्रेडिंग और शेयर मार्केट क्या है

Trading Or Share Market Kya Hai - ट्रेडिंग और शेयर मार्केट क्या है
Trading Or Share Market Kya Hai – ट्रेडिंग और शेयर मार्केट क्या है

देखिए हम आपको इस पोस्ट में बिल्कुल साधारण तरीके से समझएंगे की ट्रेडिंग और शेयर मार्केट क्या है ताकि आपको आसानी हो  समझने में देखिए Trading और Share Market अलग अलग चीज है पर Trading और Share Market एक दूसरे से जुड़े हुए हैं Trading शेयर मार्केट का एक हिस्सा है Share Market Trading के बिना अधूरी है  अगर आपको शेयर मार्केट के बारे में नहीं पता है तो पहले हम आपको शेयर मार्केट क्या है इसके बारे में बता दें ताकि आप समझ सके ट्रेडिंग क्या है  तो सबसे पहले हम बात करते हैं शेयर मार्केट के बारे में

शेयर मार्केट क्या हैShare Market Kya Hai

सन 1992  में Security And Exchange Board Of India जिसे छोटे शब्दों में SEBI कहते हैं SEBI Security And Exchange Board Of India के बनाने के बाद  जिस कंपनियों को अपना बिजनेस बढ़ा करना था या उन्हें पैसे की जरूरत होती है तो वह कंपनियां  Security And Exchange Board Of India/SEBI में अपनी कंपनियों को रजिस्टर करवाती हैं ! पर आसानी से कोई भी छोटी या बड़ी कंपनी Security And Exchange Board Of India में लिस्ट नहीं हो सकती SEBI में किसी भी कंपनी को लिस्ट कराना थोड़ा मुश्किल है कंपनी को लिस्ट कराने केेे लिए सबसेेे पहले आपको Red Herring Prospectus RHP नाम का एक डॉक्यूमेंट तैयार करना होता है फिर इस डॉक्यूमेंट को Security And Exchange Board Of India/SEBI मैं SUBMIT करवाना होता है इस डॉक्यूमेंट में आपको अपने कंपनी के बारे में जानकारी देनी होती है जैसेेेेेेे कि कंपनी कब शुरू हुई और शुरुआती समय में आपके सााथ कौन कौन था और जो आप पैसे लेंगे उसका उपयोग किस चीज मेंं करेंगे यह सारी जानकारी देने के बाद आपके डॉक्यूमेंट की जांच होती है अगर सब कुछ सही हुआ तो आपको 1 महीने से 1 साल के बीच मे  आपको अप्रूवल मिल जााता है

फिर जाकर आप BSE और NSE जो एक स्टॉक एक्सचेंज है अपने कंपनी के INITIAL PUBLIC OFFERING/IPO बना सकते हैं जिसमें आप अपनी कंपनियों के कुछ शेयर पब्लिक में बेच सकते हैं और शेयर को बेचकर जो पैसे आएंगे उन्हें आप अपने कंपनी के विकास पर लगा सकते हैं और जो भी व्यक्ति उन शेयर को खरीदत है उसे उस कंपनी का SHARE HOLDER कहते हैं और जो शेयर आप कंपनी के मालिक से खरीदते हैं उस SHARE को आप अपने पास जितने समय के लिए आप चाहे रख सकते हैं और जब चाहे उस SHARE को स्टॉक मार्केट में बेच सकते हैं पर उस  शेयर को आप उस कंपनी के मालिक को नहीं बेच सकते और शेयर खरीदने के बाद कंपनी का मालिक आपको किसी भी प्रकार का पैसा नहीं देगा देखिए शेयर मार्केट में दो बड़ी कंपनियां हैं एक BSE  और एक NSE

BSE का पूरा नाम BOMBAY STOCK EXCHANGE और NSE का पूरा नाम NATIONAL STOCK EXCHANGE है ! BSE और NSE Stock Exchange है जो एक इंटरमीडिएट का काम करती है जो शेयर मार्केट की ट्रांजैक्शन होती है उनकी देखरेख करती है और आप BSE और NSE से शेयर खरीद सकते हैं एवं शेयर को बेच भी सकते हैं इन्हीं शेयर को खरीदने और बेचने को शेयर मार्केट कहते हैं और शेयर मार्केट को कई नामों से जाना जाता है जैसे शेयर मार्केट स्टॉक मार्केट स्टॉक एक्सचेंज और हम आपको बता शेयर मार्केट में दो तरह के लोग होते हैं एक इन्वेस्टर और एक ट्रेडर अभी हम जल्द ही इन दोनों के बारे में बात करेंगे कि इन्वेस्टर और ट्रैक्टर मेंं क्या अंतर है

Investor  Or Trader Mein Kya Antar Hai – इन्वेस्टर और ट्रेडर मेंं क्या अंतर है

इन्वेस्टर और ट्रेडर में बहुत ज्यादा अंतर होता है जो अभी हम आपको विस्तार में समझाते हैं

 INVESTOR   इन्वेस्टर वह होते हैं जो  किसी कंपनी के शेयर लंबे समय तक के लिए होल्ड कर लेतेे हैं इनका टाइम पीरियड 1 साल से कई सालों तक होता है इन्वेस्टर किसी कंपनी के Fundamental Analysis को और कंपनी की ग्रोथ को देखते हैं

 TRADERS   ट्रेडर्स वह होते हैं जो किसी शेयर को खरीदने के बाद कुछ मिनटों या 1 महीनों में उसे बेेच देते ट्रेडर्स स्टॉक के प्राइस तथा स्टॉक की मांग को देखते है ट्रेडर्स मार्केेट के Trend और Technical Analaysis को फॉलो करते हैं और मार्केट में शेयर के उतार-चढ़ाव के द्वारा पैसा कमानेे की कोशिश करते हैं

Trading Account Kya Hai – ट्रेडिंग अकाउंट क्या है

शेयर मार्केट में आपको ट्रेड करने के लिए ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत पड़ती है जैसे कि अगर आप कोई शेर को खरीदते हैं और भेजते हैं तो उसके लिए आपके पास ट्रेडिंग अकाउंट होना बहुत जरूरी है और ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाने के लिए आपको कुछ दस्तावेज की जरूरत होती है

Trading Kya Hai – ट्रेडिंग क्या है

शेयर मार्केट में किसी भी Share को खरीदने के कुछ मिनटों या 1 महीने के अंदर उस शेयर को बेचने को TRADING कहते हैं और ट्रेडिंग के 4 तरीके हैं जो बहुत ज्यादा पॉपुलर हैं जिनके बारे में मैंने नीचे विस्तार से बताया है

Trading Ke Tarike – ट्रेडिंग के तरीके

 SCALP TRADING  :-  Scalp Trading  में शेयर को कुछ मिनट्स से लेकर कुछ घंटों तक के लिए रखा जाता है और उसको कुछ घंटों के अंदर ही बेच दिया जाता है इस ट्रेडिंग को SCALP TRADING कहते है

 INTRADAY TRADING  :- Intraday Trading ट्रेडिंग में शेयर को 1 दिन के लिए होल्ड किया जाता है जैसे कि आज आपने शेयर खरीदा और आज ही उस शेर को बेच देते हैं तो इसे इंट्राडे ट्रेडिंग कहते हैं और यह ट्रेडिंग का सबसे पॉपुलर तरीका है

 SWING TRADING  :- Swing Trading में शेयर को कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों के लिए होल्ड किया जाता है

 POSITION TRADING  :- Position  Trading  में शेयर को कुछ महीनों के लिए होल्ड किया जाता है

Demat Account Kya Hai – डीमैट अकाउंट क्या है

Demat account एक तरह से बैंक अकाउंट की तरह काम करता है जैसे आप अपने बैंक अकाउंट के द्वारा लेन देन याद धनराशि को जमा करने के लिए करते हैं उसी प्रकार शेयर मार्केट या ट्रेडिंग में डीमेट अकाउंट स्टॉक बेचने और खरीदने के लिए डिमैट अकाउंट होना बहुत जरूरी है मान लीजिए अगर आप कोई शेयर खरीदते हैं तो वह शेयर आपके डिमैट अकाउंट में आ जाएगा तथा share को बेचने पर जो पैसे आपको मिलेंगे वह आपके डिमैट अकाउंट में आएंगे और आपका डिमैट अकाउंट आपके बैंक अकाउंट से लिंक होता है जैसे कि अगर आप कोई शेयर बेचते हैं तो वह जो पैसा आपको मिलेगा और डिमैट अकाउंट में मिलेगा पर अगर आप चाहें तो वह पैसे को डिमैट अकाउंट से लिंक बैंक खाते में भेज सकते हैं और डीमेट अकाउंट से लिंक बैंक खाते से पैसा अपने डिमैट अकाउंट में शेयर खरीदने के लिए जोड़ सकते हैं

Conclusion

किसी भी कंपनी को अगर अपना बिजनेस बड़ा करने के लिए पैसे की जरूरत होती है तो वह कंपनी Security And Exchange Board Of India/SEBI में खुद को लिस्ट करवाती है कंपनी को SEBI लिस्ट करवाने के लिए ‘ Red Herring Prospectus  RHP’ नाम का एक डॉक्यूमेंट तैयार करना होता है जब कंपनी को पेपर मिल जाता है तो कंपनी BSE और NSE में INITIAL PUBLIC OFFERING/IPO निकाल कर खुद के शेयर को बेचती  है और वह जो शेयर खरीदते हैं वह किसी और व्यक्ति को स्टॉक प्राइस के उतार-चढ़ाव के हिसाब से बेच देते हैं और किसी भी कंपनी के शेयर को खरीदना और उसको बेचना शेयर मार्केट कहलाता है

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