Mutul Fund Kya Hai – Mutul Fund Mein Invest Kaise Kare

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नमस्कार अगर आप Mutual Fund के बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश कर रहे थे ! और मैचुअल फंड क्या है इसके बारे में इंटरनेट पर सर्च कर रहे थे और जानना चाहते थे! कि Mutual Fund Kya Hai तो आप बिल्कुल सही पोस्ट पढ़ रहे हैं. हमने इस पोस्ट में मैचुअल फंड के बारे में पूरे विस्तार से बताया है आप इस पोस्ट को पूरा जरूर पड़ेगा ताकि आपको अच्छे से पता चल सके मैचुअल फंड आखिर क्या है और मैचुअल फंड में निवेश कैसे करते हैं  और मैचुअल फंड काम कैसे करता है और क्या आपको मैचुअल फंड में पैसे इन्वेस्ट करना चाहिए या नहीं सभी जानकारी आपको इस पोस्ट में मिलेंगे

Mutual Fund Kya Hai – मैचुअल फंड क्या है

Mutual fund Kya hai
Mutual fund Kya hai

सबसे पहले आप Mutual Fund के नाम का मतलब जान लीजिए

Mutual का अर्थ है = सामहुहिक

Fund का अर्थ है = निधी

देखिए Mutual Fund एक इन्वेस्टमेंट कंपनी है जो लोगो के पैसे को इन्वेस्ट करती है और यह एक प्रकार का सामुहिक निवेश होता है। जिसमें निवेशकों के समूह मिल कर स्टॉक, अल्प अविधि के निवेश या अन्य प्रतिभूतियों (सेक्यूरीटीज) मे निवेश करते है। और इसी सामूहिक निवेश को  मैचुअल फंड कहते हैं

यूटीआई एम.एफ ( यूनिट ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया )भारत की सबसे पुरानी मैचुअल फंड कंपनी हैं जिसकी स्थापना 1 फरवरी 2003 को हुई थी अगर आप इन्वेस्ट करने की इच्छा रखते हैं और आपको शेयर बाजार का ज्ञान बिलकुल भी नहीं है तो आप मैचुअल फंड की मदद से अपने पैसे को अच्छे जगह इन्वेस्ट कर सकते हैं मैचुअल फंडमें आप 500 रुपए से नीधी ( इन्वेस्ट ) कर सकत है बस इसके लिए आपको प्ले स्टोर से आपने स्मार्टफोन के लिए Groww आपको ऐप डाउनलोड करना है और उसमें आपन खाता बनना है !

Groww App kya Hai – ग्रो ऐप क्या है

दोस्तों Groww एक ऐसा Application है जिसके मदद से आप लोग Mutual Funds के अंदर पैसे Invest कर सकते हो और अच्छा Returns वापस पा सकते हो। दोस्तों इस Application को इतनी सरलता से बनाया गया है की अगर आप कोई Investment करते हो तो दोस्तों आप उसका Analytics बड़ी आसानी से देख सकते होऔर समझ हो।

इस Application में आप सभी लोगो को हर प्रकार के Mutual Funds की Categories मिल जाती है जिसकी मदद से आप अपने हिसाब के Mutual  Fund में Investment कर सकते हो और अच्छे Returns पा सकते हो। दोस्तों इस Application में आपको High Risk,Low Risk और Metarnary Risk सभी चीजों को आपको आसानी से बताया गया है।

Groww App Mein Account Kaise Banaye – Groww App मे खाता कैसे बनाए

देखिए मैचुअल फंड मे इन्वेस्ट करने के लिए आपको ग्ररो ऐप मे खाता बनना पड़ेगा और हमने ग्रो ऐप में खाताा बनाने तरीके नीचे बताए हैं

1. सबसे पहले अपने स्मार्टफ़ोन में Groww App Install करे। Install करने के INSTALL NOW पर क्लिक करें

2. अब ऐप को खोले और अब आपके सामने Login, SignUp और Continue with Google इस प्रकार के तीन Option दिखाई देंगे। अगर आपने पहले से ही Groww App पर अकाउंट Account बना रखा है, तो Login पर क्लिक करे। लेकिन यदि आपने अभी तक account नहीं बनाया है, तो आपको Account create करना है। इसके लिए आप SIGN UP पर क्लिक करे।

3. उसके बाद यहाँ आपको अपना Email Id और Pssword डालना है। और Signup पर क्लिक करना है|

4. अब आपको अपने Mobile Number को Verify करना है। आप अपना मोबाइल नंबर डालें और Verify Number पर क्लिक करे।

5. उसके बाद आपने जो Mobile Number दिया है उसपर एक OTP आएगा। उसे डालकर Verify करे।

6. अब आपको यहाँ अपना Pan Card Number डालना है। Pan नंबर डालें और Next बटन पर क्लिक करे।

7. इसके बाद आपको अपना Date Of Birth और Gander सेलेक्ट करना है। और अपने Nominy का नाम देना है। उसके बाद वो Nominy Relation में आपकी क्या है ये सेलेक्ट करे। और Next पर क्लिक करे।

8. उसके बाद आपको अपने Bank का ISFC कोड डालना है। फिर अब आपको अपना Bank का Account Number डालना है। फिर 2 बार Account नंबर डालें और Next पर क्लिक करे।

9. अब आपको अपना पासपोर्ट साइज फोटो Upload करना है। और इसके बाद आपको अपने Face का 5 से 10 सेकेंड का वीडियो बनाकर अपलोड करना है।

10. उसके बाद आपको अपने पैन कार्ड का फोटो अपलोड करना है।

11. अब Adress Verification के लिए आपको 4 ऑप्शन मिलेंगे जिसमे Drivery लाइसेन्स, Passport, Aadhar Card या Voter Id रहेगा। इसमें से किसी एक का चुनाव करे। आप जो भी डॉक्युमेंट का चुनाव करेगे, आपको उसके सम्बधित फॉर्म भरना होगा जो ADDRESS PROOF के लिये होगा। सही फॉर्म भरने के बाद CONTINUE पर क्लिक करे।

12. अब आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा जिसमे दिखाया जाएगा कि आपने क्या क्या सही भरा है और क्या गलत। जो सही होगा उसपर सही का निशान होगा और जो गलत होगा उसपर गलत का। जो गलत हो उसे सही कर लें।

13. इतना सब करने के बाद आपसे आपका हस्ताक्षर माँगेगा। उस screen पर ही आपको हस्ताक्षर करना है। हस्ताक्षर करने के बाद Save बटन पर क्लिक करे।

अब आपका Grow App में Account सफलतापूर्वक बन चुका है।

History of Mutual Funds In India

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारत सरकार की पहल पर भारत पर यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (UTI) के गठन के साथ भारत में म्यूचुअल फंड उद्योग 1963 में शुरू हुआ था. इसका मुख्य उद्देश्य था छोटे निवेशकों को आकर्षित करना और उन्हें निवेश तथा बाजार से सम्बंधित विषयों से अवगत कराना. UTI का गठन संसद के एक अधिनियम के तहत 1963 में किया गया था. इसकी स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा की गयी थी. और शुरूआती समय में इसने RBI के अंतर्गत काम किया ! 1978 में UTI को RBI से अलग कर दिया गया. भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (आईडीबीआई) को आरबीआई के स्थान पर विनियामक (Regulatory) और प्रशासनिक नियंत्रण (Administrative control) का अधिकार मिला. और UTI ने इसके अंतर्गत काम करना शुरू किया .

भारत में Mutual Funds के विकाश को कई चरणों में बांटा जा सकता है. जैसे की पहला चरण 1964 से 1987 तक का था जिसमे UTI के पास 6700Cr ₹ का fund आ चूका था. इसके बाद 1987 से दूसरा चरण शुरू होता है इसमें public sector फण्ड की entry शुरू हुयी. इस समय में बहुत सारे बैंको को Mutual Funds बनाने का मौका मिला. SBI ने पहला NONUTI mutual fund बनाया. दूसरा चरण 1993 में खत्म हुआ पर दूसरा चरण के खत्म होते होते AUM यानी की Assets under management ₹6700Cr से कहीं ज्यादा बढ़कर ₹47004CR हो गया. इस चरण में निवेशकों के मध्य म्यूच्यूअल फण्ड में काफी उत्साह देखने को मिला. तीसरा चरण 1993 से शुरू हुआ जो की 2003 तक चला. इस चरण में private sector funds को मंजूरी मिली. इसी चरण में निवेशकों को Mutual Funds के ज्यादा विकल्प मिले . इस चरण का अंत 2003 में हुआ.

चौथा चरण 2003 से शुरू हुआ जो अब तक चल रहा है. 2003 में UTI को दो अलग चरणों में बाँट दिया गया. पहला SUUTI और दूसरा UTI mutual fund जो की SEBI MF के नियमो के अनुसार काम करते थे. 2009 की आर्थिक मंदी का असर पूरी दुनिया पर पढ़ा.

भारत में भी निवेशकों का काफी नुकसान हुआ. इससे लोगों का भरोसा म्यूच्यूअल फंड्स से थोडा सा कम हुआ. पर धीरे धीरे ही सही यह उद्योग वापस पटरी पर आने लगा. 2016 में AUM ₹15.63 trillion हो चूका था. जो की अब तक का सबसे ज्यादा था. निवेशकों की संख्या लगभग 5 CR के ऊपर हो चुकी है और हर महीने लाखों नए निवेशक जुड़ रहे है. यह चरण म्यूच्यूअल फंड्स के लिए सुनेहरा साबित हुआ है.

Types Of Mutual Fund – म्यूचुअल फंड कितने प्रकार के होते है

  1. इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Fund)
  2. डेट म्यूचुअल फंड (Debt Mutual Fund)
  3. हाइब्रिड म्यूचुअल फंड (Hybrid Mutual Fund)
  4. सॉल्यूशन ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड (Solution Oriented Mutual Fund )

1 इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Fund)
ये स्कीम निवेशकों की रकम को सीधे निवेश शेयरों में करती हैं. छोटी अवधि में ये स्कीम जोखिम भरी हो सकती हैं, लेकिन लंबी अवधि में इसे आपको बेहतरीन रिटर्न कमाने में मदद मिलती है. इस तरह की Mutual Fund स्कीम में निवेश से आपका रिटर्न इस बात पर निर्भर करता है कि शेयर का प्रदर्शन कैसा है.

जिन निवेशकों का वित्तीय लक्ष्य 10 साल बाद पूरा होना है, वे इस तरह की Mutual Fund स्कीम में निवेश कर सकते हैं. इक्विटी Mutual Fund स्कीम के भी 10 अलग प्रकार हैं.

2 डेट म्यूचुअल फंड (Debt Mutual Fund)
ये Mutual Fund स्कीम डेट सिक्योरिटीज में निवेश करती हैं. छोटी अवधि के वित्तीय लक्ष्य पूरे करने के लिए निवेशक इनमें निवेश कर सकते हैं. पांच साल से कम अवधि के लिए इनमें निवेश करना ठीक है. ये Mutual Fund स्कीम शेयरों की तुलना में कम जोखिम वाली होती हैं और बैंक के फिक्स्ड डिपाजिट की तुलना में बेहतर रिटर्न देती हैं.

3 हाइब्रिड म्यूचुअल फंड स्कीम (Hybrid Mutual Fund)
ये Mutual Fund स्कीम इक्विटी और डेट दोनों में निवेश करती हैं. इन स्कीम को चुनते वक्त भी निवेशकों को अपने जोखिम उठाने की क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है. हाइब्रिड Mutual Fund स्कीम को छह कैटेगरी में बांटा गया है.

4. सॉल्यूशन ओरिएंटेड स्कीम (Solution Oriented Mutual Fund )
Solution Oriented Mutual Fund स्कीम किसी खास लक्ष्य या समाधान के हिसाब से बनी होती हैं. इनमें रिटायरमेंट स्कीम या बच्चे की शिक्षा जैसे लक्ष्य हो सकते हैं. इन स्कीम में आपको कम से कम पांच साल के लिए निवेश करना जरूरी होता है.

हमने  इस पोस्ट में मैचुअल फंड क्या है मैचुअल फंड में कैसे इन्वेस्ट करें और मैचुअल फंड कितने प्रकार का होता है इसकी पूरी जानकारी दी है उम्मीद करता हूं या पोस्ट आपको पसंद आई होगी

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